मोतिहारी से बीजेपी विधायक प्रमोद कुमार का महिलाओं को लेकर दिया गया बयान विवादों में घिर गया है। शीतकालीन सत्र के दौरान विधानसभा परिसर में उन्होंने कहा था, “बहुत सारी लेडीज हैं, जो संतुष्टि के लिए कुत्ते के साथ सोती हैं। मोबाइल पर भी देख लीजिएगा, आपको ये सब मिल जाएगा।”
इस बयान के बाद एक फाउंडेशन ने उनके खिलाफ शिकायत दर्ज कराते हुए सार्वजनिक माफी और कड़ी कार्रवाई की मांग की है। फाउंडेशन का कहना है कि इस बयान से महिलाओं की भावनाओं को ठेस पहुंची है और विधायक को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए।
महिला आयोग ने लिया संज्ञान
बिहार राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष अप्सरा मिश्रा ने कहा कि विवादित बयान को लेकर आयोग में आवेदन आया है। उन्होंने बताया कि बयान की सत्यता की जांच की जाएगी। उन्होंने कहा, “मैंने अभी तक विधायक का बयान नहीं देखा है। अगर किसी महिला के प्रति वीडियो में आपत्तिजनक बात सामने आती है तो मैं संज्ञान लूंगी। इसके लिए मैं विधायक से भी बात करूंगी।”
विधायक का बयान: सफाई
इस विवाद के जवाब में विधायक प्रमोद कुमार ने कहा कि उनके बयान को तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया। उन्होंने कहा, “हमने पश्चिमी सभ्यता के संदर्भ में पश्चिमी कल्चर के बढ़ते प्रभाव की बात की थी। मेरा किसी महिला का अपमान करने का कोई उद्देश्य नहीं था।”
यह मामला सोशल मीडिया और राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया है और महिलाओं के अधिकारों के संरक्षण को लेकर उठ रहे सवालों के बीच विधायक के बयान की जांच और संभावित कार्रवाई पर निगाहें लगी हुई हैं।